*डॉक्टर अनुज राम बंजारे संविदा(एक वर्ष) चिकित्सक एवं सुरेश बंजारे सुपरवाइजर द्वारा कूट रचित पत्र निर्मित कर प्रसारित कर bmo के पद सील का किया दुरुपयोग*
बिल्हा ब्लॉक में दो bmo एक को प्रभार दूसरा स्वयंभू bmo
डॉक्टर श्रीकेश गुप्ता bmo बिल्हा cmho मुंगेली बनाए जाने पर cmho द्वारा बिल्हा ब्लॉक की सबसे वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर निकिता कंवर को प्रभार सौंपा गया ।जिनके द्वारा विधिवत पद के अनुरूप कार्य संपादन करते हुए चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए आदेश निर्देश पत्र जारी कर कार्य संपादन कराया जा रहा है ।
वहीं दूसरी तरफ nhm द्वारा एक वर्ष के लिए डॉक्टर अनुज राम बंजारे को संविदा चिकित्सक के पद पर MCH बिल्हा में पदस्थापना दिया गया है जिनको मरीज का उपचार करना चाहिए । ऐसा न कर विभाग के प्रशासनिक कार्यों में आनाधिकृत हस्तक्षेप कर खंड चिकित्सा अधिकारी के पद सील का दुरुपयोग करते हुए कूट रचित आदेश पर हस्ताक्षर कर प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ,सुपरवाइजरों की ड्यूटी आदेश जारी किया जा रहा है ।
पूर्व में भी खंड चिकित्सा अधिकारी के पद मुहर के ऊपर डॉक्टर श्रीकेश गुप्ता के अंकित नाम को काट कर डॉ अनुज राम बंजारे द्वारा अनाधिकृत हस्ताक्षर कर पत्र जारी किया जाता रहा है जिसके लिए bmo ने उन्हें अधिकृत नहीं किया था ।
दिनांक 21/9/26 को प्रभारी bmo डॉक्टर निकिता कंवर बिल्हा में ड्यूटी पर थी जिनके द्वारा कई विभागीय पत्र प्रसारित किया गया है। और उसी दिन(21/9/26) को सुरेश कुमार बंजारे सुपरवाइजर द्वारा कूट रचित पत्र निर्मित कर अनाधिकृत डॉक्टर अनुज राम बंजारे से bmo के पद सील में हस्ताक्षर कराया गया जिसमें सुरेश बंजारे द्वारा नीचे अपना इनीशियल भी किया है ।
डॉक्टर बंजारे दोषी तो है ही सुरेश बंजारे सुपरवाइजर जो शासकीय सेवक है द्वारा कूटरचित पत्र निर्मित कर डॉक्टर बंजारे के हस्ताक्षर कराते हुए अवैध पत्र रिलीज कराया गया जो सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत कृत्य है ।
डॉक्टर बंजारे द्वारा संविदा नियुक्ति शर्तों का उल्लंघन किया गया है वहीं सुरेश बंजारे ने शासकीय सेवा पद पर नियुक्ति शर्तों का उल्लंघन किया है ।
नियमानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर द्वारा तत्काल डॉक्टर बंजारे की संविदा नियुक्ति को समाप्त करने के साथ सुरेश बंजारे सुपरवाइजर द्वारा प्रथम दृश्यता सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन किए जाने पर तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए ।
लेकिन cmho बिलासपुर ऐसा नहीं करने वाले है ऐसा प्रतीत होता है ।क्योंकि इसके पूर्व डॉक्टर बंजारे द्वारा किए गए कृत्य को नजर अंदाज कर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है शायद इसीलिए डॉक्टर बंजारे के हौसले बुलंद है ।
*" सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का"* स्वास्थ्य विभाग में चरितार्थ हो रहा है ।

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