Bmo बिल्हा ने शासन के आदेश की
अवहेलना कर अनिल गढ़ेवाल द्वारा कार्यालय के शासकीय दिवालों को निजी एल्बम के रूप में किए जा रहे उपयोग का समर्थन किया है ।
*छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी पत्र क्रमांक /एफ 10-25/2005/1/5दिनांक 15/9/2005 में स्पष्ट किया है*
-शासकीय कार्यालय एक सार्वजनिक और आधिकारिक स्थान होता है,शासकीय कार्यालय के दीवारों पर केवल सरकार द्वारा अधिकृत और निर्धारित की गई तस्वीरों को ही लगाई जा सकती है।
शासकीय कार्यालय एवं दीवारों का उपयोग किसी भी प्रकार के निजी प्रचार या आत्म प्रदर्शन के लिए करना नियमों का सीधा उल्लंघन है,व्यक्तिगत प्रचार के लिए अपना निजी तस्वीर लगाना माहौल को गैर पेशेवर बनाता है । शासकीय कार्यक्रमों एवं स्वयं का सम्मान करना अनौचित्य पूर्ण एवं आपत्तिजनक है।
यदि ऐसा कृत्य करता हुआ कोई शासकीय सेवक पाया जाता है तो उसके द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965का नियम 15 का उल्लंघन माना जाएगा ।और उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर द्वारा अनिल गढ़ेवाल bpm के उक्त कृत्य को नियम विरुद्ध माना है जिसके लिए अनिल गढ़ेवाल bpm को नोटिस जारी करने की बात कही गई है । लेकिन अभी तक कोई नोटिस जारी होने की सूचना नहीं है ।
वहीं दूसरी तरफ खंड चिकित्सा अधिकारी बिल्हा पद पर नियुक्त डॉक्टर निकिता कंवर द्वारा अपने पत्र क्रमांक/bmo /nhm /2026/1457बिल्हा दिनांक 22/9/2026 में हास्यास्पद सूचना प्रतिवेदन प्रसारित करते हुए अनिल गढ़ेवाल के कृत्य का समर्थन करते हुए खुद ही शासन के आदेश की अवहेलना कर बिल्हा कार्यालय के कार्य माहौल को खराब करते हुए कर्मचारियों को अनुशासनहीनता के लिए सीख देना और प्रोत्साहित किया जाना प्रतीत होता है।
आशा है खंड चिकित्सा अधिकारी तत्काल कार्यवाही करते हुए कार्यालय के दीवारों पर अनिल गढ़ेवाल द्वारा खुद के फोटो से पूरे दीवारों का ढंक दिया गया को हटवाए और अनिल गढ़ेवाल के विरुद्ध मानव संसाधन नियम 2018 के तहत कार्यवाही करें जिससे अन्य कर्मचारियों को शासकीय नियमों का पालन करने और अनुशासित रहने की की सीख मिले।

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