*कंप्यूटर प्रिंटर मरम्मत के नाम पर मात्र 212537=00(दो लाख बारह हजार पांच सौ सैंतीस रूपये का फर्जी भुगतान कर जीवनदीप समिति कोष को क्षति*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हा वित्तीय अनियमितता का प्रशिक्षण केंद्र बनता जा रहा है । स्टेशनरी खरीदी के नाम पर 351381=00का फर्जी भुगतान की पाठशाला में ज्ञानवर्धन किया है ।
अब कम्प्यूटर प्रिंटर मरम्मत और AC मरम्मत के नाम पर 592136=00 का फर्जी भुगतान की पाठशाला आपके समक्ष प्रतुत है -
इसके लिए सैंया का कोतवाल होना जरूरी होता है ।
*"और सैंया कोतवाल हैं।"*
कंप्यूटर, प्रिंटर की मरम्मत का बिल *बालाजी मल्टी नेटवर्क सर्विसेज* दुकान का बिल इक्ट्ठा किया जाता है ।
उक्त बिलों की स्टॉक एंट्री रजिस्टर में कहीं पर नहीं की जाती, सीधे नोटशीट तैयार होता है और संबंधित एजेंसी के नाम भुगतान हेतु बैंक को संबोधित पत्र निर्मित किया जाता है जिसमें दिनांक का उल्लेख नहीं किया जाता सिर्फ माह और वर्ष अंकित किया जाता है । और जीवनदीप समिति के खाता से 592126=00 गायब हो जाता है ।
बस इसी तरह AC मरम्मत के नाम पर *रोशन रेफ्रिजरेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक* दुकान से बिल इक्ट्ठा किया जाकर पुनः पुनरावृत्ति करते हुए बिलो का बिना स्टॉक एंट्री किए भुगतान के लिए नोटशीट तैयार किया जाता है फिर संबंधित बैंक को संबोधित पत्र में सिर्फ महीने का नाम और वर्ष लिख कर बैंक भेज दिया जाता है और जीवनदीप समिति की खाता से 268115=00रूपये गायब हो जाता है ।
खंड चिकित्सा अधिकारी,ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक और jds लिपिक ने जीवनदीप समिति के साधारण सभा से एवं कार्यकारणी सभा से अनुमोदन लेने की आवश्यकता ही महसूस नहीं किया। न तो क्रय समिति की बैठक हुई ।
शासन द्वारा जारी jds नियमावली में -
(1) साधारण सभा
1-अध्यक्ष - विधायक
2 उपाध्यक्ष- अध्यक्ष जनपद पंचायत
3- सचिव- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
4 सदस्य अध्यक्ष नगर पंचायत
5- सदस्य स्वास्थ्य समिति नगर पंचायत
6- सदस्य - मुख्य नगरपालिका अधिकारी
7- सदस्य - अनुविभागीय अधिकारी पुलिस
8- सदस्य - अनुविभागीय अधिकारी छ ग विद्युत मंडल
9- सदस्य - मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत
10- सदस्य - खंड चिकित्सा अधिकारी
11- सदस्य - संस्था का एक चिकित्सक (sdm द्वारा मनोनीत)
12- सदस्य दान दाता
13- सदस्य क्षेत्रीय पार्षद
BPM जिसे साधारण सभा में सदस्य रखने कभी साधारण सभा की बैठक ही नहीं हुई द्वारा अवैध रूप से फर्जी सदस्य बन कर समिति के कार्यों में हस्तक्षेप ही नहीं वित्तीय प्रबंधन में भी बिलों में हस्ताक्षर कर रहा है जो अपराध की श्रेणी में आता है ।
(2) कार्यकारणी सभा
(1) -अध्यक्ष - अनुविभागीय अधिकारी राजस्व
(2) उपाध्यक्ष -मु.का.अ. जनपद पंचायत
(3)- सदस्य - मु.का.अ.स्थानीय नगरीय निकाय
(4) -सदस्य - अ.वि.अ. छ ग विद्युत मंडल
(5) - सदस्य -अ.वि.अ. लोक निर्माण विभाग
(6)सदस्य - अ.वि.अ. लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग
(7) - सदस्य - साधारण सभा द्वारा नामांकित दानदाता
(8) - सदस्य - संस्था का एक चिकित्सक जो साधारण सभा में भी सदस्य हो
(9)- सदस्य सचिव खंड चिकित्सा अधिकारी
कार्यकारणी सभा में भी BPM को सदस्य रखने साधारण सभा की कभी बैठक नहीं हुई और न पारित किया गया और न ही कोई लिखित आदेश जारी किया गया बावजूद सदस्य बन कर बिलों में द्वितीय हस्ताक्षरी बन अवैध रूप से हस्ताक्षर करने के साथ साथ नोटशीट में बिलों में हस्ताक्षर किया जा रहा है जो अपराध की श्रेणी में आता है ।
पूर्व के प्रकरणों में अनिल गढ़ेवाल BPMद्वारा अवैध रूप से jds की राशि में वित्तीय अनियमितता के लिए दोषी पाया गया है जिससे राशि वसूल करने संचालक के निर्देश की अवहेलना कर cmho बिलासपुर द्वारा BPM से राशि की वसूली न कर संरक्षण प्रदान किया जा रहा है ।
इसीलिए कहा गया है कि
*"जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का ।।"*


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