*BMO,BPM बिल्हा ने स्टेशनरी खरीदी के नाम पर 351381=00का जीवनदीप समिति में किया घोटाला GST की चोरी*
बिलासपुर/ बिल्हा जीवनदीप समिति के अनुमति बगैर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हा कार्यालय के लिए दिनांक 28/5/2022 से5/7/2024 के मध्य 351381=00रुपय कागजों में स्टेशनरी खरीदी के नाम पर स्थानीय वेंडरों *राज स्टेशनरी* और *सरस्वती बुक डिपो* बिलासपुर के बिलों (जिसमें GST राशि का उल्लेख नहीं है ) जिसका शासन के नियमानुसार(GFR 2017) एवं ऑडिट नियम के तहत बिना स्टॉक एंट्री किए सीधे स्थानीय वेंडरों को राशि भुगतान कर दिया गया । वेंडरों के नाम से प्रस्तुत बिलों में A4 साइज पेपर 600पैकेट/ कोबरा ऑफिस फाइल 200 नाग/400पेज का रजिस्टर 257नग/ 200पेज का रजिस्टर 297नग/84पेज का रजिस्टर 86 नग/रजिस्टर जंबो 07नग/रजिस्टर किंग साइज 20 नग जसकी कुल कीमत Rs -351381/ अंकित है ।
शासन के नियम(GRF 2017) एवं ऑडिट नियमों के अनुसार प्रस्तुत किए गए बिलों का स्टॉक रजिस्टर में स्टॉक एंट्री के बगैर बिलों का भुगतान नहीं किया जा सकता। स्टॉक एंट्री नहीं होने पर वित्तीय अनियमितता माना गया है ।
बिलों को भुगतान के लिए लेखा शाखा में भेजने के पहले सभी बिलों के पीछे स्टॉक एंट्री नम्बर दर्ज करना अनिवार्य है,हर एक बिल की स्टॉक बुक/डिजिटल पोर्टल MIMS पर एंट्री करना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है।
समस्त बिलों का बिना स्टॉक एंट्री के उन बिलों का का भुगतान किया जाता है तो उसे गबन की श्रेणी में आता है ।गैर कानूनी होता है ।
यदि प्रत्येक बिल पर प्रमाणीकरण, स्टॉक एंट्री का पेज नंबर, दिनांक लिखा हुआ जिसमें प्रभारी अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है तो उक्त समस्त बिल को रिजेक्ट माना गया है ।
उपरोक्त निर्धारित अवधि में पदस्थ तत्कालीन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शुभा गरेवाल एवं अनिल गढ़ेवाल BPM जिसके ऊपर पहले से ही कर वित्तीय अनियमितता के लिए दोष सिद्ध द्वारा शासन के नियमों निर्देशों की अवहेलना करते आम नागरिकों के हित में कार्य करने लिए शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान राशि का गबन किया गया है । यह आरोप प्रमाणित साक्ष्य दस्तावेजों पर आधारित है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर द्वारा उक्त आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समय सीमा में जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने निर्देश जारी किया जाना चाहिये ।
लेकिन ऐसा कोई जांच कराएंगे इस पर संशय है । क्योंकि ऐसे कई प्रकरण है जिस पर जांच भी हुई जांच रिपोर्ट विभाग को भेजा गया ,विभाग द्वारा दोषियों पर तत्काल कार्यवाही एवं राशि वसूली के आदेश भी मिले लेकिन आज तक न तो कोई कार्यवाही की गई और न ही राशि की वसूली की गई । और शायद इसीलिए बिलासपुर जिला में जिला कार्यालय सहित ब्लॉक स्तर पर भी विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है ।
अगले एपिसोड में एक और भ्रष्टाचार का खुलासा होगा

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