🚨 बड़ी खबर | सरकारी एंबुलेंस भी बिना नंबर प्लेट!
बिलासपुर में 4 शासकीय एंबुलेंस बिना पंजीयन दौड़ती मिलीं, RTO ने CMHO को भेजा नोटिस
मोटरयान अधिनियम की धारा 39 का उल्लंघन, तत्काल संचालन बंद करने के निर्देश
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग की सरकारी एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल को भेजे गए पत्र में जिले की 4 नवीन शासकीय एंबुलेंस वाहनों के बिना वैध पंजीयन प्रमाण-पत्र और बिना नंबर प्लेट सड़क पर संचालित होने की बात सामने आई है।
आरटीओ के पत्र के अनुसार परिवहन उड़नदस्ता बिलासपुर द्वारा बिल्हा, तखतपुर, कोटा और मस्तूरी क्षेत्र में वाहनों की जांच की गई। संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों से लिखित जानकारी लेने पर सामने आया कि चारों नवीन एंबुलेंस का पंजीयन नहीं कराया गया था।
⚠️ धारा 39 का उल्लंघन
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 39 के अनुसार बिना पंजीयन किसी भी मोटर वाहन का सार्वजनिक मार्ग पर संचालन प्रतिबंधित है। सरकारी वाहन होने के कारण भी इस नियम से कोई छूट नहीं मिलती।
RTO का सख्त अल्टीमेटम
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि—
🔴 चारों एंबुलेंस का संचालन तत्काल बंद किया जाए।
🔴 03 दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित वाहनों का नियमानुसार पंजीयन कराया जाए।
🔴 बिना पंजीयन वाहन चलाने के दौरान दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
🔴 निर्धारित समय में पंजीयन नहीं कराने पर वाहनों को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
❓ सरकारी एंबुलेंस ही नियमों से बाहर कैसे?
जब आम नागरिक के वाहन के लिए पंजीयन और नंबर प्लेट अनिवार्य है, तो सवाल यह उठता है कि जनता की सेवा के लिए खरीदी गई सरकारी एंबुलेंस बिना पंजीयन सड़क पर कैसे उतर गईं?
दस्तावेज सामने है, अब सवाल कार्रवाई का है—क्या 3 दिन में चारों एंबुलेंस का पंजीयन होगा या फिर RTO को इन्हें जब्त करने की कार्रवाई करनी पड़ेगी?

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