*स्वास्थ्य विभाग में RTI के तहत प्रथम अपील की सुनवाई जनवरी 2026 से बंद*
*कलेक्टर की RTI प्रशिक्षण बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी उठे सवाल*
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता रविन्द्र तिवारी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बिलासपुर कार्यालय सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा, तखतपुर, बिल्हा और मस्तूरी के जनसूचना अधिकारियों पर निर्धारित समय-सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रथम अपीलीय स्तर पर भी समय पर सुनवाई और निराकरण नहीं होने से आवेदकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
*26 प्रथम अपीलें, फिर भी समय पर सुनवाई नहीं *
रविन्द्र तिवारी के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज अनुसार, उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित जनसूचना अधिकारियों के समक्ष कुल 26 RTI आवेदन प्रस्तुत किए थे। इनमें से कुछ आवेदनों पर जानकारी दी गई, लेकिन उपलब्ध कराई गई जानकारी कई मामलों में मांगी गई विषयवस्तु के अनुरूप नहीं थी।
रविन्द्र तिवारी का आरोप है कि जनवरी 2026 से सितंबर 2026 के बीच जनसूचना अधिकारियों के विरुद्ध समय समय पर CMHO कार्यालय में डॉक्टर शुभा गरेवाल प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष 26 प्रथम अपीलें प्रस्तुत की गईं। इसके बावजूद अपील प्रकरणों पर निर्धारित समय के भीतर सुनवाई और निराकरण नहीं किया गया
*9 प्रकरणों में राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा मामला*
शिकायतकर्ता द्वारा प्रथम अपीलों पर समय सीमा में सुनवाई और निराकरण नहीं किए जाने के कारण उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18(1) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष 9 प्रकरणों में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शेष 17 प्रकरणों के संबंध 21 अक्टूबर 2026 को मुख्य आयुक्त के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
रविन्द्र तिवारी का कहना है कि सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिक पहले RTI आवेदन लगाते हैं, जवाब नहीं मिलने पर प्रथम अपील करते हैं और इसके बाद भी राहत नहीं मिलने पर उन्हें आयोग तक जाना पड़ता है। इससे सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी हो जाती है और आवेदकों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।
*कलेक्टर की प्रशिक्षण बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सवाल*
16 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर के मंथन सभागृह में कलेक्टर द्वारा जिले के सभी विभागों के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपील अधिकारियों किनRTI पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग तथा उसके उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तर के अधिकारी सहित जिला कार्यालय के संबंधित जनसूचना अधिकारी एवं CMHO, जो प्रथम अपीलीय अधिकारी भी हैं, स्वयं उपस्थित नहीं हुए। उनके स्थान पर सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी को भेजा गया ।
इस घटनाक्रम को लेकर रविन्द्र तिवारी ने सवाल उठाया है कि जब शासन-प्रशासन सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है, तब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उच्च अधिकारी के आदेश निर्देश का सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन करते हुए अनुपस्थिति रहे उन अधिकारियों के उपर सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील)नियम 1966 के तहत कार्यवाही किया जाएगा ? यदि एक छोटा कर्मचारी नियमों निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उस पर सारे नियम लाद कर तत्काल कार्वाही कर दी जाती है ।
*दस्तावेज आवेदक से छुपाया जाना कहीं वित्तीय अनियमितताओं का उजागर हो जाने का भय तो नहीं है!
शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई है।
अब कलेक्टर और राज्य सूचना आयोग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर नजर
रविन्द्र तिवारी ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि RTI आवेदनों और प्रथम अपीलों के लंबित मामलों की समीक्षा की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाए तथा नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग में RTI आवेदनों के समयबद्ध निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेगा और प्रशिक्षण बैठक में कथित अनुपस्थिति के मामले में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगेगा?
आम नागरिकों के सूचना पाने के अधिकार से जुड़े इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
— रविन्द्र तिवारी, शिकायतकर्ता, बिलासपुर

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