*"कर्मचारियों की प्रोत्साहन राशि डकार गए अधिकारी"*
जांच में दोष सिद्ध ।cmho ने दोषियों से राशि वसूली जारी किया आदेश ,वसूली करने में खुद ही पीछे हटे।
बिलासपुर जिला अंतर्गत कोविड-19 वैक्सीनेशन में कार्य करने वाले कर्मचारियों को राशि भुगतान के लिए प्रावधानित मद से जिला कार्यालय से खंड चिकित्सा अधिकारी बिल्हा कोटा मस्तूरी तखतपुर एवं शहरी अग्रिम राशि प्रदाय किया गया था ।जिसे कर्मचारियों को वितरित न कर फर्जी भुगतान बिल निर्मित कर लाखों रूपये खंड अधिकारियों के संरक्षण में खर्च दिखा कर बंदर बाँट कर लिए गया ।
कर्मचारी जिन्होंने मेहनत किया , कर्तव्य निभाया और हक की राशि से वंचित कर दिए गए । जिसकी प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराया गया था ।कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर तत्कालीन cmho द्वारा जांच कमेटी गठन कर कराए गए लेखा अंकेक्षण की जांच प्रतिवेदन में दोषी अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने और उनसे राशि वसूल कर कर्मचारियों को भुगतान करने का निर्देश जारी किया गया था ।
जब दोषी अधिकारी ही cmho के पद पर बैठा हो तो कैसे अपने आप से वसूली करे शायद इसीलिए उन दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही ना कर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है जो वैक्सीनेशन में कार्य संपादन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि से वंचित कर फर्जी भुगतान दिखाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था ,जिसकी शिकायत तत्कालीन cmho से की गई थी तत्कालीन मुख्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक /स्थापना/ विज्ञप्त/ 2022/ 10 241/ बिलासपुर दिनांक 17 /10 /2022 एवं पत्र क्रमांक/ स्थापना/ विज्ञप्त/ 2022 /104 9/ बिलासपुर /दिनांक 26/ 10/ 2022 में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों जिसमें डॉक्टर शुभा गरेवाल तत्कालीन bmo बिल्हा सहित जिला लेखा प्रबंधक एनएचएम
को पत्र प्रेषित करते हुए कोविद-19 टीकाकरण के राशि भुगतान में की गई गड़बड़ी एवं वित्तीय अनियमितता की वसूली के दिए गए निर्देश का डॉक्टर शुभा गरेवाल तत्कालीन bmo बिल्हा सहित किसी भी खंड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा पालन नहीं किया गया है ।और अब तो डॉक्टर शुभा गरेवाल खुद ही cmho के कुर्सी पर विराजमान है तो स्वाभाविक है भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है । जिसके कारण संचालित हो रहे सभी स्वास्थ्य योजनाओं में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
यदि वाकई शासन प्रशाशन 0टॉलरेंस के गंभीर है तो एक बार विगत वर्षों में संपादित हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं और उसमें खर्च की गंभीरता से जांच करा ले करोड़ों की वित्तीय अनियमितता सामने आयेगा ।
बिलासपुर जिला स्वास्थ्य विभाग , माननीय प्रधानमत्री भारत सरकार और माननीय मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन का वो सपना जिसमें भ्रष्टाचार मुक्त देश प्रदेश बनाना है में कहीं न कहीं रोड़ा बनते जा रहा है ।
यहां तो विगत 2 वर्षों से एक ही कहावत चरितार्थ हो रहा है ।
*जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का*
*अब देखना ये है कि क्या विभाग में बैठे उच्च
अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे या आंख मूंद लेंगे*?







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